२१ नोव्हेंबर २०२१

दो रास्ते....

-:आपके पास दो रास्ते है:-
आँखे बंद करो और समझो की सबकुछ अच्छा है
और चलते रहो...
या फिर आँखे खोलकर देखो, समझो और
अपनी एक बेहतर राह बनाओ...

३१ ऑक्टोबर २०२१

ट्रेनिंग के वो दिन...

कही पंछि को पिंजरे से प्यार ना हो जाए
और वो पिंजरे में ही ना रह जाए;
उसे उडना ही उचे आसमान मे था
इसलीय ही शायद ये समय एक ही साल का था।

यहा हर जगह 
ऊस कँटीन के पास
वहा गेट से थोडा दूर
ऊस छत्री के नीचे
या कहो तो उस इंजिन के उप्पर
तेरे और मेरे कही किस्से है
कुछ तेरे तो कुछ मेरे हिस्से है।

०१ ऑगस्ट २०२१

दोस्त या दोस्ती

कभी हसाता हू
तो कभी रुलाता हू
मैं ही गिराता हू
और मैं ही संभालता हू

ना बुरा हू ना अच्छा हू मैं
मुझे समझलो तो हर वक्त सच्चा हू मैं

तू गलत हो अगर तो टोकता हू मैं
राह हो गलत तो रोकता हू मैं

बरसात मे गरम चाय का प्याला हू मैं
तेरे हर सीक्रेट का ताला हू मैं

तेरे दुख मे एक खंदा हू मैं
तेरा हर दुख समा दु वो बंदा हू मैं

दोस्त कहो
या दोस्ती हू मैं
तुझे हर बार
समझने वाली वो हस्ती हू मैं...

हर एक बात बता दो उसको
एक बार सिर्फ पता दो मुझको
हर एक को दोस्त ना देने की 
बोल भगवान क्या सजा दु तुझको...

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नवरात्री विशेष लेखमाला – दिवस ९ गुड समरिटन कायदा आणि अपघातग्रस्तांना मदत: माणुसकीची खरी उपासना नवरात्रीच्या नवव्या माळेच्या आणि उद्या येऊ घा...